डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचारों के लिए डिंडौरी की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया को प्रदेश स्तर पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। राजधानी भोपाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पंचायत, ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने उन्हें जल-गंगा संवर्धन अभियान 2025 के अंतर्गत यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपा।
सफल कार्य को किया सम्मानित
इस सम्मान का आधार वह उल्लेखनीय कार्य है, जिसे श्रीमती भदौरिया ने अपने पूर्व कार्यकाल में रायसेन जिले की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत रहते हुए साकार किया था। उनके नेतृत्व में रायसेन जिला राज्य के “समग्र रूप से श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों” में द्वितीय स्थान पर पहुंचा, जो व्यापक जल संरक्षण पहल, वर्षाजल संग्रहण, नदी-नाला पुनर्जीवन और जनभागीदारी मॉडल के सफल क्रियान्वयन का परिणाम था।
सूखे जल स्त्रोतों को किया जीवित
श्रीमती भदौरिया ने रायसेन में स्थानीय समुदायों को जोड़कर जल स्रोतों की रक्षा, सूख चुके नालों के पुनर्जीवन, गाव स्तर पर श्रमदान मॉडल लागू करने और संरक्षण संरचनाओं के विस्तार जैसे कार्यों को गति दी—जिसने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें यह सम्मान दिलाया।
ग्रामीण विकास के नए आयामों को सफलता
डिंडौरी में उनके वर्तमान प्रशासनिक नेतृत्व को भी इस उपलब्धि से नई प्रतिष्ठा मिली है। स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि उनका अनुभव और कार्यशैली जिले में भी जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास के आयामों को नई दिशा देने में सहायक होगी।
कार्यशैली की जमकर सराहना
राज्य सरकार ने कार्यक्रम के दौरान उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसा नेतृत्व जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामुदायिक आंदोलन का स्वरूप देता है।” यह सम्मान न केवल कलेक्टर भदौरिया की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि डिंडौरी जिले के प्रशासनिक दृष्टिकोण और विकासशील सोच का भी सशक्त परिचायक बन गया है।


