श्योपुर/धीरज बालोठिया/खबर डिजिटल/ श्योपुर के कराहल ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय नसीहर में एक शिक्षक सोमवार को क्लासरूम के अंदर सोते हुए पाया गया। इस दौरान बच्चे स्कूल परिसर के बाहर खेल रहे थे। घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शिक्षक रामनरेश बघेल गहरी नींद में दिख रहे हैं। यह मामला कूनो अभयारण्य मेन रोड स्थित स्कूल का है।
ग्रामीणों में दिखाई दे रहा रोष
इस घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में रोष फैल गया है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों का भविष्य शिक्षकों की जिम्मेदारी पर निर्भर करता है। ऐसी लापरवाही शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी शिक्षकों के समय पर स्कूल न आने और पढ़ाई पर ध्यान न देने की शिकायतें मिलती रही हैं। शिक्षा विभाग ने भी वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया है। सहायक आयुक्त राकेश गुप्ता ने जानकारी दी कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्यों शिक्षा व्यवस्था को बना रहे मजाक!
कहा जाता है कि प्रायवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूल में पदस्थ होने वाले शिक्षक ज्यादा डिग्रियों वाले होते हैं, कई स्कूल तो ऐसे भी देखने में आते हैं कि पीएचडी धारक तक स्कूलों में बढ़ा रहे हैं, लेकिन ऐसा क्या होता है कि वहीं शिक्षक सरकारी तंत्र में आकर नाकारा हो जाते हैं, हालांकि यह सबके साथ नहीं है, कई शिक्षकों के स्कूल से ट्रांसफर के बाद हमने बच्चों को बिलखते भी देखा है, लेकिन इस तरह का काम में लापरवाही करने वाले शिक्षक उनसे प्रेरणा क्यों नहीं लेते, सवाल बनता है।


