डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ बजाग विकासखंड की ग्राम पंचायत लालपुर में वित्तीय अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत में पहले से उपलब्ध प्रिंटर और स्टेशनरी सामग्री के बावजूद, बाहरी ऑनलाइन दुकानों से उच्च दरों पर फोटोकॉपी कराकर भुगतान किया गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन बिलों का भुगतान किया गया, उनमें स्टेशनरी का पूरा विवरण तक दर्ज नहीं है। इससे पूरे प्रकरण पर गंभीर संदेह पैदा हो गया है।
पंचायत में उपकरण मौजूद, फिर भी बाहरी खर्च क्यों?
सूत्रों के अनुसार पंचायत कार्यालय में प्रिंटर सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध थे। सामान्य दस्तावेजों की प्रतिलिपि आसानी से निकाली जा सकती थीं। इसके बावजूद बाहरी दुकानों से
महंगे दामों पर फोटोकॉपी कराना, बिलों में स्पष्ट विवरण न जोड़ना, जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
5वीं और 15वीं वित्त राशि के दुरुपयोग के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत ने वित्त आयोग की राशि को विकास कार्यों में खर्च करने के बजाय मनमानी बिलों में खर्च किया। बिना स्टेशनरी विवरण, बिना रेट लिस्ट, बिना वास्तविक आवश्यकता के बिल पास कर भुगतान करना सीधी वित्तीय गड़बड़ी का संकेत देता है।
जांच टीम को दस्तावेज नहीं मिल रहे
जांच टीम के अधिकारियों का कहना है कि पंचायत से मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। यह रवैया संदेह को और गहरा कर रहा है और मामले की गंभीरता बढ़ा रहा है।
ग्रामीणों की मांग, कड़ी कार्रवाई हो
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे भुगतान की जांच की जाए, जिम्मेदार अधिकारियों व पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो,
पंचायत की व्यवस्था में पारदर्शिता बहाल की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत में सभी सुविधाएं मौजूद थीं, तो बाहरी दुकानों से महंगी फोटोकॉपी कराने की कोई मजबूरी नहीं थी, यह सीधा पद का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता है।


