आलीराजपुर(चंद्रशेखर आजाद नगर भाबरा)/ कुलदीप खराड़िया/खबर डिजिटल/ आलीराजपुर, जोबट और चंद्रशेखर आजाद नगर भाबरा, इन क्षेत्रों के आदिवासी समाज में 10 रुपये वाले भजिये और मिर्ची वड़े सिर्फ नाश्ता नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय परंपरागत भोजन हैं। साप्ताहिक हाट-बाजारों में रविवार और सोमवार को इनकी खरीदारी सबसे अधिक होती है। गरम-गरम वड़ों का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं, और घर ले जाने के लिए भी थैलियों भरकर खरीदते हैं।
वड़े का स्वाद क्यों खास है?
उड़द की दाल को 2 से 4 घंटे तक भिगोकर बारीक पीसा जाता है, उसमें देसी मसाले मिलाए जाते हैं, और फिर इसे धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तला जाता है। यही कारण है कि वड़े का स्वाद लोगों की जबान पर बस जाता है।
ये वड़ा बन चुका क्षेत्र की पहचान
अलीराजपुर, जोबट, कट्ठीवाड़ा और भाबरा क्षेत्र में वड़ा सिर्फ एक व्यंजन नहीं… बल्कि आदिवासी समाज के त्योहारों और रोजमर्रा के भोजन का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। वहीं अब इसको चाहने वालों में अन्य जिलों से निकलने वाले लोग भी हो चुका है, क्योंकि इसमें होता हा पारंपरिक स्वाद।
