झाबुआ /सुनील डाबी /खबर डिजिटल / जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत पेटलावद की ग्राम पंचायत तारखेड़ी में हितग्राहियों ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर किश्त दिलाने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच समिति गठित करने की बात कही है।
हितग्राहियों ने जाहिर किया गुस्सा
हितग्राहियों का आरोप है कि आवास की दूसरी किश्त जारी करने के एवज में पंचायत कर्मचारियों द्वारा 10 से 20 हजार रुपये तक की वसूली की गई। आरोप यह भी है कि अधिकारी “साहब को देने” के नाम पर पैसा मांगते थे। कई पात्र परिवार आज भी तिरपाल की झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं—न शौचालय, न उज्ज्वला गैस कनेक्शन—जबकि दूसरी ओर कई अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दे दिया गया। दो मंजिला मकान मालिकों और कुछ सरकारी कर्मचारियों को भी बिना नया निर्माण किए ही किश्तों का भुगतान कर दिया गया। पुराने मकानों पर ही जियो-टैगिंग कर राशि जारी करने का आरोप भी लगाया गया है।
कौन ले गया रुपये !
ग्राम निवासी दिनेश गामड़ ने बताया कि उनके खाते में पहली और दूसरी दोनों किश्तें आ चुकी हैं, लेकिन उनसे भी “मंत्री साहब” 20 हजार रुपये ले गए। वहीं कालुसिंह, जिनका वर्ष 2002 में एक हादसे में हाथ कट गया था, ने बताया कि उन्हें पहली किश्त तो मिल गई, लेकिन दूसरी किश्त के लिए “मंत्री बारिया” उनके घर पहुंचे और 10 हजार रुपये ले गए। दो–तीन महीने बीत जाने के बाद भी दूसरी किश्त जारी नहीं हुई है।
प्रशासन का पक्ष
सीईओ जनपद पंचायत पेटलावद, गौरव जैन ने बताया – “शिकायत मिलने पर तत्काल जांच समिति गठित कर दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में लागू योजनाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
