डिंडोरी /शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/ डिंडौरी नगर के वार्ड क्रमांक-1 स्थित मा शारदा टेकरी पर मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा कराया जा रहा लाखों का निर्माण कार्य अब सवालों के कठघरे में खड़ा हो गया है। कागजों में मजबूत और भव्य दिखाई देने वाली यह परियोजना जमीनी स्तर पर ‘घटिया निर्माण, लापरवाही और मनमानी’ का प्रतीक साबित हो रही है।
मौके पर जिम्मेदार नदारद, सूचना पटल भी गायब
स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर जब हमारे प्रतिनिधि साइट पर पहुंचे, तो सबसे पहले जिस चीज की कमी खलती दिखी, वह थी जिम्मेदारों की मौजूदगी, न सूचना पटल, न रकम/बजट का विवरण, न कार्य अवधि का जिक्र, न ठेकेदार या उसका प्रतिनिधि, और उपयंत्री साहब तो जिले से बाहर, पूरा स्थल मानो “सरकारी परियोजना” नहीं, बल्कि मनमानी का ओपन थिएटर नजर आ रहा था।
गुणवत्ता में भारी गड़बड़ी: मानकों की खुली अवहेलना
निरीक्षण के दौरान निर्माण गुणवत्ता से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रेत में डस्ट और मिट्टी की मिलावट की जा रही थी, जगह-जगह निम्न गुणवत्ता की गिट्टी लगाई गई। फर्श के लिए 10 एमएम की जगह 8 एमएम सरिया का उपयोग किया गया। अधूरा और लापरवाही से बिछाया गया जाल था, साइट पर निर्माण संबंधी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं दिखा।
मौसम की पहली मार में होगा ध्वस्त
निर्माण विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे निर्माण की उम्र मौसम की पहली मार भी नहीं झेल पाएगी। नगरवासियों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “यह विकास नहीं, विकास के नाम पर विकृति है।”
निरीक्षण में खामियों की पुष्टि, कार्रवाई की तैयारी
कलेक्टर डिंडौरी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद के उपयंत्री ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम को उन्हीं खामियों की पुष्टि मिली, जिनकी शिकायत लंबे समय से उठ रही थी, जो थी घटिया सामग्री, मानकों का उल्लंघन और दस्तावेजों का अभाव। वहीं जब निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे इंजीनियर से फोन पर संपर्क किया गया, तो पता चला कि वे जिले से बाहर हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है और आगे की कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर होगी।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमित तिवारी का बयान
“कलेक्टर महोदय के निर्देश पर किए गए निरीक्षण में कई गंभीर कमियां पाई गईं। रेत में डस्ट की मिलावट, घटिया गिट्टी व निर्धारित मानकों से कम मोटाई का सरिया लगाने के तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आए हैं। मौके पर निर्माण से जुड़े कोई दस्तावेज भी नहीं मिले। पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर महोदय को भेजी जाएगी।”


