आलीराजपुर/संजय वाणी/खबर डिजिटल/ आलीराजपुर जिले के ग्राम पलसदा में आज एक ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला। गांव में पिछले तीन सौ वर्षों से चली आ रही पारंपरिक रीति को इस वर्ष ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बदलने का बड़ा और सकारात्मक निर्णय लिया। जिसमें उन्होंने बाबा देव की मिट्टी की प्रतिमाएं लाने की बजाय लकड़ी की प्रतिमाओं की स्थापना कर उसका पूजन किया गया। साथ ही मंदिर को भी सुंदरता के साथ सजाया गया। ये निर्णय समाज के वरिष्ठजनों की सहमति से लिया गया।
ग्रामीण दिखे निर्णय पर एकमत
ग्रामवासियों ने एकमत होकर कहा कि समय के साथ समाज में बदलाव जरूरी है, और नई पीढ़ी को बेहतर दिशा देने के लिए परंपराओं में भी सकारात्मक सुधार होना चाहिए। इसी सोच के साथ सभी ने मिलकर नई परंपरा अपनाने का फैसला किया। जिसके पीछे कहा जा रहा है कि मिट्टी की प्रतिमाएं खंडित होकर पैरों में आती थी, जिससे देवता का अपमान होता था, इसीलिये उन्होंने तय स्थान पर लकड़ी की प्रतिमा लगाने और पूजन करने का निर्णय लिया।
भव्य तरीके से किया पूजन
नई संस्कृति के तहत आज पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ बाबा देव का भव्य पूजन आयोजित किया गया। गांव के प्रत्येक परिवार ने इस पूजन में सहभागिता की और गांव की सुख-शांति, समृद्धि और एकता की कामनाएं कीं। जिसमें मिट्टी की प्रतिमाएं लाने की बजाय लकड़ी की प्रतिमाओं की स्थापना करने का निर्णय लिया। इस काम में युवाओं की महती भूमिका रही।


