उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ उज्जैन शहर में पांच-पांच सौ के नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उज्जैन पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम और चिमनगंज थाने के संयुक्त दल ने गुरुवार की शाम चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 17 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट और छपाई में इस्तेमाल किए जाने वाला अत्याधुनिक प्रिंटर जब्त किया है।
ट्रक की हेराफेरी में शामिल था एक आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में से एक की पहचान हाटकेश्वर विहार कॉलोनी निवासी दीपेश पिता अनोखीलाल चौहान और दूसरा हिमांशु पिता राजेश निवासी गऊघाट के रूप में हुई है। इनके अलावा हीरामिल की चाल में रहने वाले सोनू और उसके एक अन्य साथी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का सरगना सोनू है। उल्लेखनीय है कि सोनू वही शख्स है जिसे पिछले साल फरवरी में बिहार से महाराष्ट्र भेजे जा रहे करीब 30 लाख रुपये कीमत के रिफाइंड तेल से भरे ट्रक की हेराफेरी के मामले में भी पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस को सूचना मिली है कि सोनू ने ही प्रिंटर के जरिए नकली नोट बनाने और उन्हें बाजार में खपाने के लिए यह गिरोह बनाया था।
हीरामिल, पंवासा पुल के नीचे मारा छापा
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को एक मुखबिर से सीधे इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। एसपी के निर्देश पर डीएसपी योगेश तोमर के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई। टीम ने सबसे पहले हीरामिल की चाल स्थित एक मकान पर छापा मारा, जहां से मिले सुरागों के आधार पर टीम पंवासा पूल के नीचे बसी कैलाश एंपायर कॉलोनी के एक अन्य मकान पर पहुंची। यहां से नकली नोट और प्रिंटर जब्त किए गए। इसके बाद देर शाम हाटकेश्वर विहार कॉलोनी से दीपेश चौहान को हिरासत में लिया गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हाल ही में पकड़े गए इस गिरोह के तार, दो माह पहले माधवनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नकली नोट खपाने वाले पांच सदस्यों के गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।
