डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ डिंडौरी जिले में संचालित ग्रामीण सड़कों के संधारण एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित संविदाकार और विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि निर्धारित समय में उचित उत्तर नहीं मिलने पर अनुबंध निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
खेपानी मार्ग पर निर्माण का मामला
मामला पैकेज क्रमांक MP 12 MTN 063 के अंतर्गत मेहंदवानी विकासखंड के बुल्दा से खेपानी मार्ग पर किए जा रहे निर्माण कार्य से जुड़ा है। लगभग 3.12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में से करीब 2.97 किलोमीटर का निर्माण संविदाकार मे. श्रीराम कंस्ट्रक्शन, जिला सतना द्वारा किया जा रहा था। ग्रामीणों ने कार्य की निम्न गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज कर अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
सड़क निर्माण में अनियमितता
प्रशासनिक जांच में सड़क निर्माण में अनियमितताओं और लापरवाही की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने न केवल संविदाकार बल्कि कार्य की निगरानी कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंसल्टेंट की टीम को भी नोटिस जारी किया है। विभागीय निरीक्षण में पाई गई कमियों का विस्तृत जवाब तलब किया गया है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की चेतावनी
कलेक्टर भदौरिया ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ, तो मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है, और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसे जवाबदेह बनाया जाएगा—यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सड़क की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि घटिया निर्माण के कारण सड़क की मजबूती और आयु दोनों प्रभावित होंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासनिक स्तर पर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
