डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में आदिवासी विरासत गोंडी कला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी और सराहनीय पहल शुरू की गई है। कलेक्टर के निर्देशन में जिले के शासकीय भवनों के मुख्य द्वारों को पारंपरिक गोंडी पेंटिंग से सजाया जा रहा है, जिससे न केवल भवनों की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि आदिवासी संस्कृति को भी नई पहचान मिलेगी।
कलेक्ट्रेट कार्यालय से की शुरुआत
इस नवाचार की शुरुआत कलेक्ट्रेट कार्यालय से की गई है, जहां मुख्य द्वार पर आकर्षक गोंडी चित्रकारी कराई गई है। इसके बाद जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों और छात्रावासों में भी यह कार्य तेजी से प्रारम्भ करवाया जा रहा है।
मुख्य द्वारों पर गोंडी पेंटिंग
कलेक्टर के निर्देशानुसार सर्व शिक्षा अभियान की जिला परियोजना समन्वयक श्रीमती श्वेता अग्रवाल द्वारा आदेश जारी किए गए हैं कि जिले के सभी शासकीय छात्रावासों के मुख्य द्वारों पर गोंडी पेंटिंग कराई जाए। आदेश के पालन में गाडासरई सहित कई छात्रावासों में पेंटिंग कार्य शुरू हो चुका है, जबकि शेष छात्रावासों में आगामी 15 दिनों के भीतर पेंटिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
भवनों की सजावट तक नहीं सीमित
यह पहल केवल भवनों की सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रयास आदिवासी कला, संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। प्रशासन की यह पहल स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहन दे रही है, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
कला प्रेमियों ने की सराहना
जिलेवासियों और कला प्रेमियों द्वारा इस पहल की सराहना की जा रही है और इसे डिंडौरी की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
