इंदौर: वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए, बैंक ऑफ़ बड़ौदा (Bank of Baroda) का नवोन्मेषी बॉब डिजी उद्यम (bob DigiUdyam) प्लेटफॉर्म सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE) के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। यह एक डिजिटल, कोलेटरल-मुक्त और नकदी प्रवाह (Cash Flow) आधारित ऋण प्लेटफॉर्म है।
बॉब डिजी उद्यम प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएँ
यह प्लेटफॉर्म उद्यमों के डिजिटल फुटप्रिंट का लाभ उठाकर ऋण मूल्यांकन की प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाता है:
- ऋण सीमा: ₹10 लाख से ₹50 लाख तक का कार्यशील पूंजी ऋण।
- त्वरित स्वीकृति: स्वचालित स्कोरकार्ड के माध्यम से मिनटों के भीतर प्रोविज़नल स्वीकृति।
- कोलेटरल-मुक्त: ये ऋण CGTMSE योजना के तहत कवर होते हैं, जिससे किसी गारंटी या कोलेटरल की आवश्यकता नहीं होती।
- सुविधाएँ: 12 महीने तक की अवधि के लिए कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट की सुविधा।
इंदौर की दो प्रेरक सफलता की कहानियाँ
1. केआरएस एंटरप्राइज़ेज (KRS Enterprises): व्यवसाय विस्तार की नई राह
निधि की कमी के कारण कंपनी को कॉर्पोरेट ऑर्डर लेने में कठिनाई हो रही थी, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त लिक्विडिटी की आवश्यकता थी।
- समाधान: बॉब डिजी उद्यम के माध्यम से ₹50 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ।
- प्रभाव: कंपनी ने इस धनराशि को इन्वेंट्री में निवेश किया, जिससे वे बड़े कॉर्पोरेट अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम हुए।
- प्रोप्राइटर श्वेता सिंह का अनुभव: “बॉब डिजी उद्यम ने हमारे व्यवसाय को बढ़ाने और परिचालनगत सुविधा को बेहतर बनाने में मदद की।”
2. जेएमके एंटरप्राइज़ेज (JMK Enterprises): बेहतर लिक्विडिटी और सुचारू संचालन
दिन-प्रतिदिन के खर्चों और पारंपरिक बैंकिंग में होने वाली देरी से जूझ रही इस कंपनी को तत्काल वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी।
- समाधान: सियागंज शाखा (इंदौर) के सहयोग से ₹50 लाख की ओवरड्राफ्ट सीमा प्राप्त हुई।
- प्रभाव: कार्यशील पूंजी चक्र (Working Capital Cycle) में सुधार हुआ और कंपनी अब नए ऑर्डर लेने के लिए बेहतर स्थिति में है।
- साझेदार आशीष चौरसिया का अनुभव: “हमारी समग्र व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि हुई है और वित्तीय परिचालन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।”
बैंक ऑफ़ बड़ौदा का यह डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण न केवल ऋण प्रदान कर रहा है, बल्कि छोटे व्यवसायों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल साझेदार के रूप में उभर रहा है।


