मुंबई: भारत के तेजी से बढ़ते विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG) के मटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट बिजनेस की रेंटल शाखा, RenTRUST ने पुणे के भोसरी में एक अत्याधुनिक फोर्कलिफ्ट प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया है। 2,000 वर्ग फुट में फैली यह समर्पित सुविधा युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल से लैस करने और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस पहल के माध्यम से कंपनी का लक्ष्य भविष्य के लिए एक ऐसा कार्यबल तैयार करना है जो न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हो, बल्कि सुरक्षा अनुपालन के प्रति भी पूरी तरह जागरूक हो। विविधता और समावेश (D&I) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, गोदरेज ने इस कार्यक्रम के तहत महिला उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण शुल्क में 50% की विशेष छूट देने की घोषणा की है, जिससे इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।
गोदरेज के मटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट बिजनेस ने अब तक 3,500 से अधिक ऑपरेटरों को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया है, जिससे ग्राहकों की साइटों पर उत्पादकता और सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कंपनी ने अब वित्त वर्ष 2026 तक अतिरिक्त 500 ऑपरेटरों को अपस्किल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के मटेरियल हैंडलिंग बिजनेस हेड, अनिल लिंगायत ने इस अवसर पर कहा कि भारत के औद्योगिक विकास की निरंतरता कुशल और सुरक्षा-प्रशिक्षित जनशक्ति पर निर्भर करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुणे का यह केंद्र प्रमाणित ऑपरेटरों की एक ऐसी पाइपलाइन तैयार करेगा जो सीधे तौर पर नौकरी के लिए तैयार होंगे। यह केंद्र हर महीने 45 से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने की क्षमता रखता है, जिससे पुणे और आसपास के औद्योगिक समूहों को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
RenTRUST द्वारा शुरू किया गया यह केंद्र संरचित क्लासरूम लर्निंग, सुरक्षा-प्रथम प्रथाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण का एक अनूठा संगम है। यह पहल भारत के मटेरियल हैंडलिंग उपकरणों के सबसे बड़े रेंटल बेड़े के संचालक के रूप में कंपनी की रणनीतिक दूरदर्शिता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार होगा, बल्कि यह विनिर्माण और वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाने में भी योगदान देगा। समावेशी विकास के दृष्टिकोण के साथ, यह केंद्र कौशल विकास को उत्पादकता का एक सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


