नई दिल्ली: किशोरियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘प्रोजेक्ट नव्या’ के तहत हुई इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के दायरे को बढ़ाकर किशोरियों को व्यापक रोजगार और जीवन कौशल (Life Skills) प्रदान करना है। गौरतलब है कि ‘प्रोजेक्ट नव्या’ कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इस सहयोग के माध्यम से लड़कियों की सीखने की यात्रा में महत्वपूर्ण जीवन कौशल, कार्यस्थल की दक्षता और वित्तीय साक्षरता को शामिल किया गया है, ताकि वे आधुनिक श्रम बाजार में मजबूती से अपनी जगह बना सकें।
इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव सुश्री देवश्री मुखर्जी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट नव्या’ युवा लड़कियों के समग्र सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीखने की प्रक्रिया में वित्तीय साक्षरता, कार्यस्थल सुरक्षा और उत्पादकता जैसे विषयों को एकीकृत करके किशोरियों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी भरा जा रहा है। यह पहल महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा करने और देश की अर्थव्यवस्था में उनकी सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य को मजबूती प्रदान करती है।
साझेदारी के एक मुख्य हिस्से के रूप में, वाधवानी फाउंडेशन द्वारा विकसित एक विशेष ‘कॉमन मॉड्यूल’ को नव्या के सभी लाभार्थियों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। 10 घंटे का यह संरचित ऑनलाइन कार्यक्रम व्यक्तिगत विकास, स्व-रोजगार क्षमता और सामुदायिक भागीदारी पर केंद्रित है। इस पाठ्यक्रम में इंटरपर्सनल स्किल्स, प्रभावी राइटिंग स्किल्स, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक कार्य वातावरण में आवश्यक उत्पादकता उपकरणों (Productivity Tools) के उपयोग पर गहन शिक्षा शामिल है। कार्यस्थल की सुरक्षा और लचीलेपन को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया यह मॉड्यूल किशोरियों को दीर्घकालिक रोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है।


