नेशनल : टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘टीपी सोलर लिमिटेड’ ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में सौर विनिर्माण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी ने इस अवधि के दौरान 2.8 GW डीसीआर (DCR) सोलर सेल और 2.9 GW सोलर मॉड्यूल का निर्माण कर घरेलू सौर मूल्य श्रृंखला में अपनी अग्रणी भूमिका को पुष्ट किया है। विशेष रूप से, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में सेल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो 196 MW से बढ़कर 940 MW तक पहुंच गई।
तिरुनेलवेली, तमिलनाडु में स्थित टीपी सोलर की यह अत्याधुनिक सुविधा भारत की सबसे बड़ी एकल-स्थान (single-location) सौर विनिर्माण इकाइयों में से एक है, जिसकी कुल क्षमता 4.3 GW है। टाटा पावर ने इस संयंत्र को स्थापित करने के लिए लगभग ₹4,300 करोड़ का निवेश किया है। यह संयंत्र TOPCon और Mono PERC जैसी उन्नत तकनीकों से लैस है, जो एएलएमएम (ALMM) प्रमाणित मॉड्यूल के साथ-साथ ‘मेड इन इंडिया’ सेल का उपयोग करके उच्च दक्षता वाले डीसीआर मॉड्यूल का उत्पादन करता है। कंपनी की परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार और क्षमता विस्तार भारत के सौर आत्मनिर्भरता लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस विनिर्माण इकाई की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसका समावेशी कार्यबल है, जिसमें 80% महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। यह लैंगिक विविधता और सशक्तिकरण के प्रति कंपनी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करते हुए, टीपी सोलर न केवल सौर ऊर्जा के स्वदेशीकरण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि 2070 तक भारत के नेट-जीरो कार्बन भविष्य के विजन को भी मजबूती प्रदान कर रही है।


