इंदौर/खबर डिजिटल/इंदौर के भागीरथपुरा जल कांड पर संघ भी नाराज है। कहा जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने पर खरी खोटी सुनना पड़ रही है, इसी का नतीजा है कि संघ ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। उन्होंने कलेक्टर और महापौर से चर्चा की है।
संघ कार्यालय पहुंचे कलेक्टर और महापौर
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों से भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल को लेकर बात की गई है, जिसका नतीजा जमीन पर देखने को मिलेगा।
मालवा प्रांत प्रचारक ने की चर्चा
संघ के सूत्रों ने यह भी बताया कि संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक, महापौर पुष्यमित्र भार्गव को मामले पर कड़ा रुख अपनाकर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया है, हालांकि संघ के पुराने प्रचारक होने के चलते महापौर को फटकार भी लगाई गई है।
सरकारी वाहन से आए थे ‘सुदर्शन’
महापौर पुष्यमित्र भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय ‘सुदर्शन’ सरकारी गाड़ी से आए थे। उन्हें छोड़ने के बाद शासकीय वाहन वापस रवाना हो गया। जिसके बाद बैठक खत्म होने के पर वे अपने निजी वाहन से लौट गए।
महापौर ने किया साफ
बैठक से बाहर आने के बाद महापौर भार्गव ने कहा- मैं संघ कार्यालय आता रहता हूं। आज भी सहज ही आया था। हालांकि अब माना जा रहा है कि संघ ने महापौर को बदलाव के लिए फ्री हैंड दे दिया है।
सवाल तो ये बनता है?
इंदौर के जल कांड के बारे में कम ही लोगों को पता होगा कि स्थानीय पार्षद कमल वाघेला को संघ ने ही बीजेपी में भेजा था। पहले वो इंदौर बीजेपी में नगर महामंत्री बने, फिर उपाध्यक्ष, फिर अब बीजेपी से पार्षद हैं, वहीं अब कटघरे में वो ही है, जिसके पीछे माना जा रहा है कि संघ उनकी नई भूमिका तय कर सकता है।


