बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ एनएच-47 में एनएचएआई द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण और रोड निर्माण के एलायमेंट में गंभीर विसंगतियों को लेकर मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष लीलाधर बारस्कर ने इस मामले में कलेक्टर को अवगत कराया कि एनएच-47 के अधिग्रहण में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज दिनांक तक कोई निराकरण नहीं हुआ है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित डिज़ाइन से बाहर जाकर अधिग्रहण और सड़क निर्माण किया गया, जिससे किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है और इसका दुष्परिणाम किसानों के साथ-साथ आम राहगीरों को भी भुगतना पड़ रहा है।
शिकायतों और आंदोलनों का उल्लेख
आवेदक ने ज्ञापन में पूर्व में की गई शिकायतों और आंदोलनों का उल्लेख करते हुए बताया कि मई 2023 के धरने की सूचना अनुविभागीय अधिकारी को दी गई थी। इसके बाद एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। इसी क्रम में वर्तमान कलेक्टर द्वारा आदेश क्रमांक /अवि/भूअर्जन/2023/1095 जारी कर 40 किलोमीटर के सीमांकन को एक सप्ताह के भीतर कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आवश्यक कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि दिनांक 5 जनवरी 2026 को जिले के जनप्रतिनिधियों को किसानों और राहगीरों की समस्या से ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था। अब पुनः दिनांक 13 जनवरी 2026 को कलेक्टर जनसुनवाई के माध्यम से यह मामला सामने रखा गया है। आवेदक का कहना है कि पहले एनएच-47 के अधिग्रहण और एलायमेंट से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए, उसके बाद जो भी कार्रवाई आवश्यक हो, वह की जाए।
कलेक्टर से की मांग
आवेदक ने कलेक्टर से मांग की है कि किसानों और राहगीरों को हो रही आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक परेशानी को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और प्रभावित किसानों व राहगीरों को न्याय मिल सके।


