उमरिया/केजी पांडेय/खबर डिजिटल/ जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोईलारी में नशे के खिलाफ महिलाओं का अनोखा आंदोलन देखने को मिला। गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने अवैध देसी शराब के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने शराब के डिब्बों को सड़क पर फैलाया, और हाथों में तख्तियां लेकर नशामुक्ति के नारे लगाए। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण परिवार और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, इसलिए वे नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेंगी।
महिलाओं ने उठाया साहसिक कदम
उमरिया जिले के चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम कोईलारी में महिलाओं ने नशे के खिलाफ एक अनोखा और साहसिक अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गांव में लंबे समय से अवैध रूप से बन रही देसी शराब से परेशान महिलाओं ने अब खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने एकजुट होकर शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त विरोध दर्ज कराया।
देसी शराब के डिब्बों को सड़क पर फेंका
महिलाओं ने गांव में अलग-अलग स्थानों पर रखे देसी शराब के डिब्बों को एकत्र कर सड़क पर फैला दिया। इसके बाद उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर नशामुक्ति के समर्थन में नारे लगाए। तख्तियों पर ‘नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो’, ‘शराब नहीं, खुशहाल जीवन चाहिए’ और ‘नशे से बर्बाद होता भविष्य’ जैसे संदेश लिखे हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का गुस्सा और दर्द साफ तौर पर झलक रहा था।
दोषियों के खिलाफ सख्ती की मांग
महिलाओं का कहना है कि गांव में बन रही देसी शराब के कारण घर-परिवार उजड़ रहे हैं। पुरुष नशे की लत में फंसकर रोज़गार से दूर हो रहे हैं, घरेलू हिंसा बढ़ रही है और बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। कई महिलाओं ने बताया कि नशे के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और आए दिन झगड़े की स्थिति बनी रहती है। इस अभियान की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण महिलाओं का यह कदम न केवल नशामुक्ति की दिशा में एक मजबूत संदेश है, बल्कि समाज में बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन रहा है।


