आलीराजपुर/कुलदीप खराड़ीया/ खबर डिजिटल/ एकता परिषद के तत्वावधान में नेपानगर में आयोजित 33वें आदिवासी सांस्कृतिक महासम्मेलन में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और अस्मिता को लेकर व्यापक मंथन हुआ। महासम्मेलन में बड़ी संख्या में समाजजन, युवा और मातृशक्ति की सहभागिता देखने को मिली।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे प्रतिपक्ष नेता
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उस समय रहा, जब प्रतिपक्ष नेता उमंग सिंघार इंदौर से हेलीकॉप्टर द्वारा नेपानगर पहुंचे। उनके साथ जोबट विधायक सेना महेश पटेल, बड़वानी विधायक राजेंद्र मंडलोई और मंटू सोलंकी भी मंच पर उपस्थित रहे। अन्य आदिवासी विधायक पहले से कार्यक्रम में मौजूद थे।
सेना महेश पटेल का सशक्त संदेश
मुख्य अतिथि विधायक सेना महेश पटेल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा,
हम आदिवासी हैं, हम भीख नहीं मांगते, हम अपने अधिकार मांगते हैं। हमारी संस्कृति हमारी पहचान है और इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी पहचान पर गर्व करने का आह्वान किया।
युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर
महासम्मेलन में आदिवासी समाज की एकता, संसाधनों की सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर कई संकल्प लिए गए। मातृशक्ति को समाज की आत्मा बताते हुए उनके सम्मान और भूमिका को रेखांकित किया गया।
सफल और प्रभावशाली आयोजन
विधायक सेना महेश पटेल और प्रतिपक्ष नेता उमंग सिंघार की उपस्थिति ने महासम्मेलन को ऐतिहासिक और प्रभावशाली बना दिया।
