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Friday, April 17, 2026
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रीवा: एक बगिया मां के नाम योजना से बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, रीवा में कलेक्टर ने किया फलोद्यान का निरीक्षण

एक बगिया मां के नाम योजना से फलोद्यान विकास को बढ़ावा

रीवा/अरविंद तिवारी/खबर डिजिटल/ स्वसहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और फलोद्यान विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित एक बगिया मां के नाम योजना लाभकारी सिद्ध हो रही है। इसी क्रम में कलेक्टर रीवा प्रतिभा पाल ने रीवा जनपद के बिहरा गांव में योजना के हितग्राहियों के खेतों का भ्रमण कर फलोद्यान पौधारोपण का निरीक्षण किया।

हितग्राहियों से संवाद

कलेक्टर ने स्वसहायता समूह की सदस्य सरस्वती साकेत एवं कमला साकेत के खेत पहुंचकर पौधारोपण की स्थिति की जानकारी ली। सरस्वती साकेत ने बताया कि आधा एकड़ भूमि में दशहरी, आम्रपाली और सुंदरजा प्रजाति के लगभग 50 आम के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल के साथ-साथ भविष्य में फल उत्पादन से आय में वृद्धि होगी।

बिहरा गांव की महिलाएं बनीं लखपति दीदी

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि बिहरा गांव की स्वसहायता समूह से जुड़ी सभी महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में हैं, जो खेती, किराना और सिलाई जैसे कार्यों से सालाना एक लाख रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। कलेक्टर ने गांव के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की अपील की।

ऋण सुविधा और सहायता राशि उपलब्ध

सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर ने बताया कि योजना के तहत पौधारोपण, फेंसिंग और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए हितग्राहियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस अवसर पर सीईओ जनपद पूनम दुबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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