इंदौर/ताज खान/ खबर डिजिटल/ शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय घटना को लेकर जहां सत्ताधारी भाजपा विपक्ष के निशाने पर है, वहीं प्रदेशभर में सरकार की लापरवाही को लेकर जनता में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
नर्मदापुरम में कांग्रेस का जिला स्तरीय विरोध
इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को नर्मदापुरम जिला मुख्यालय के गांधी पार्क के समीप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवाकांत (गुड्डन) पाण्डेय के नेतृत्व में नगर एवं ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय उपवास एवं मौन धरना आयोजित किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों, पानी की गुणवत्ता के आंकड़ों और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कानूनी अधिकार समाप्त करने के विरोध में प्रदर्शन किया। धरने की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई।
मुख्यमंत्री के बयान पर तीखा पलटवार
कांग्रेस नेताओं ने माखननगर में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए कांग्रेस लाशों की राजनीति करती है बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जिला अध्यक्ष शिवाकांत पाण्डेय ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक आईएएस अधिकारी को बली का बकरा बनाया है। उन्होंने मंत्री और महापौर के इस्तीफे की मांग की।
मनरेगा नाम परिवर्तन का सच उजागर
पूर्व विधायक पंडित गिरजा शंकर शर्मा ने मंच से मनरेगा के नाम परिवर्तन और उसके कानूनी अधिकारों से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखा।


