डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डिंडौरी जिले में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की एवं नया कीर्तिमान स्थापित किया है । कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
‘बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत सुगढ़ टूरी
स्वस्थ – कल सशक्त अभियान के तहत जिले में लक्ष्य था 35 हजार परीक्षण का किंतु 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हीमोग्लोबिन की जांच कराई। जिला प्रशासन ने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।कुछ क्षेत्रों में नो नेटवर्क की समस्या के कारण अभी परीक्षण का डिजिटल डाटा लोड होना बाकी है। सूत्रों की माने तो जिले में लगभग 50 हजार बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन का परीक्षण हुआ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया आयोजन
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साझा करने हेतु कन्या शिक्षा परिषद रयपुरा डिंडोरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरफ से श्री भानु प्रताप सिंह ने रिकॉर्ड का औपचारिक सत्यापन किया, और रिकॉर्ड का प्रमाण- पत्र कलेक्टर महोदया को सौंपा और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा जिले में इतनी बड़ी संख्या में हीमोग्लोबिन का एक साथ परीक्षण करना मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए बहुत गर्व की बात है। जिले में इस ऐतिहासिक अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग व जनजाति कार्य विभाग की सक्रिय भूमिका रही।
इस कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी एसडीएम शाहपुरा ऐश्वर्या वर्मा एसडीएम डिंडोरी भारतीय मेरावी डॉक्टर मनोज पांडे सीएमएचओ एवं श्याम सिंगौर जिला कार्यक्रम अधिकारी मौजूद रहे।


