श्योपुर/धीरज बालोटिया/खबर डिजिटल/ जिले के विजयपुर नगर परिषद की कथित लापरवाही उजागर करने पर एक युवा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। मामला 14 जनवरी का है, जब विजयपुर के सुनवई तिराहे पर एक घायल गौवंश सड़क पर तड़पता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा, कांग्रेस नेताओं के साथ सामाजिक संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे। इसी दौरान समाजसेवी युवा नेता आशू शर्मा ने नगर परिषद की लापरवाही को लेकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप
वीडियो में आशू शर्मा ने घायल गौवंश के इलाज में देरी और नगर परिषद अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे गौवंश की हालत गंभीर हो गई।
सीएमओ की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद मुख्य नगर परिषद अधिकारी (सीएमओ) ने विजयपुर थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया कि आशू शर्मा ने इलाज के दौरान नगर परिषद कर्मियों के साथ गाली-गलौज की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। शिकायत में वार्ड प्रभारी नरेंद्र शर्मा और स्वच्छता प्रभारी भरत शर्मा का नाम भी शामिल है। पुलिस ने सीएमओ के आवेदन पर आशू शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
स्वच्छता प्रभारी ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब नगर परिषद के स्वच्छता प्रभारी ने ईटीवी भारत से बातचीत में स्वीकार किया कि राजनीतिक दबाव में आकर उन्होंने आशू शर्मा के खिलाफ झूठी गवाही दी, जबकि किसी प्रकार की गाली-गलौज या सरकारी कार्य में बाधा नहीं हुई थी।
पूर्व मंत्री और सर्वसमाज समर्थन में उतरे
पूर्व राज्य वन मंत्री एवं विजयपुर के पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर एफआईआर का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। वहीं, सर्वसमाज के युवाओं और ग्रामीणों ने भी एफआईआर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया जाएगा।


