टाटा समूह के प्रतिष्ठित आभूषण ब्रांड तनिष्क ने पेरिस कॉउचर वीक 2026 में अपनी लगातार चौथी उपस्थिति के साथ अंतरराष्ट्रीय लक्जरी बाजार में अपनी धाक जमा दी है। विश्व प्रसिद्ध डिजाइनर राहुल मिश्रा के साथ मिलकर तनिष्क ने अपने विशेष ‘डेजर्ट डायमंड्स’ (Desert Diamonds) संग्रह का अनावरण किया। प्रकृति और कॉउचर कलात्मकता के इस अनूठे संगम ने दुनिया के सबसे बड़े फैशन मंच पर भारतीय कारीगरी और डिजाइन की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया। अरबों वर्षों में पृथ्वी की गहराई में तैयार हुए ये दुर्लभ प्राकृतिक हीरे, शहद जैसे रंगों से लेकर व्हिस्की और सूर्यास्त जैसे भूरे रंगों के एक विशिष्ट पैलेट में पेश किए गए हैं।
राहुल मिश्रा का स्प्रिंग 2026 संग्रह, ‘अल्केमी’ (Alchemy), पंचतत्वों—आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी—के परस्पर प्रभाव से प्रेरित है। तनिष्क के ‘डेजर्ट डायमंड्स’ इस विजन को जीवंत करते हुए ‘पहनने योग्य कला’ (wearable art) के रूप में उभरे हैं। डी बीयर्स ग्रुप (De Beers Group) के सहयोग से तैयार इन आभूषणों को बोल्ड और मूर्तिकला जैसी आकृतियों में ढाला गया है। अमेरिका में सफल लॉन्च के बाद, तनिष्क अब इन दुर्लभ और पारखी हीरों (connoisseur diamonds) को भारतीय बाजार में भी पेश कर रहा है, जो आभूषण प्रेमियों को वैश्विक स्तर की भव्यता का अनुभव कराएंगे।
इस ऐतिहासिक भागीदारी पर तनिष्क की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, पेल्की त्सेरिंग ने कहा कि ‘डेजर्ट डायमंड्स’ के माध्यम से हम प्रकृति और डिजाइन की एक ऐसी कहानी पेश कर रहे हैं जो वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक है। वहीं, डिजाइनर राहुल मिश्रा ने इस सहयोग को समय, प्रकृति और मानवीय कला का एक दार्शनिक मिलन बताया। डी बीयर्स की ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, श्वेता हरित ने भी इस बात पर जोर दिया कि ये हीरे आज की प्रामाणिक सुंदरता की इच्छा और प्राचीन प्रकृति के समय का एक आदर्श संतुलन हैं। यह संग्रह न केवल तनिष्क के वैश्विक विस्तार को दर्शाता है, बल्कि उच्च-आभूषण (High-jewelry) क्षेत्र में भारत की कलात्मक विरासत को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।


