भूमिका विश्वकर्मा/ चंदेरी/ खबर डिजिटल/ चंदेरी में 30 से 50 बिस्तर वाले उन्नयन अस्पताल के निर्माण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अस्पताल निर्माण के लिए तीन अलग-अलग खेमे अलग-अलग स्थानों पर निर्माण की पैरवी कर रहे हैं, जिससे आम जनता में असमंजस और नाराजगी का माहौल है।
तीन खेमों की अलग-अलग मांग
पहला खेमा खसरा नंबर 10, तमरपुरा क्षेत्र में अस्पताल निर्माण की वकालत कर रहा है। दूसरा खेमा मेघासन मैया के पास वन भूमि में अस्पताल बनाने की कोशिश में जुटा है। वहीं तीसरा खेमा, जो आम जनता की भावना का प्रतिनिधित्व करता है, वर्तमान अस्पताल परिसर में ही उन्नयन अस्पताल के निर्माण की मांग कर रहा है।
जनता की दलील और सुविधा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान अस्पताल परिसर शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों को आसानी से इलाज मिल सकता है। साथ ही आकस्मिक दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में शहर के भीतर अस्पताल होना अत्यंत आवश्यक है।
राजनीतिक दखल और आरोप
आरोप है कि सत्ताधारी दल के कुछ नेता और भू-माफिया किस्म के लोग अस्पताल को अन्य स्थानों पर शिफ्ट कराने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। यहां तक कि चंदेरी क्षेत्र से बाहर के विधायक भी दिल्ली तक पैरवी कर रहे हैं।
अब निगाहें सांसद सिंधिया पर
आम जनता ने क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हस्तक्षेप कर जनता की मांग के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है।
पिछले चार वर्षों की कार्यवाही
3 जनवरी 2019 को अस्पताल उन्नयन का आदेश जारी हुआ था। 24 सितंबर 2021 को रोगी कल्याण समिति ने वर्तमान परिसर में निर्माण का निर्णय लिया। 2024 में बीएमओ के पत्रों में भी यही सुझाव दिया गया, लेकिन अमल नहीं हुआ। अब जनता चाहती है कि समय रहते निर्णय लेकर वर्तमान अस्पताल परिसर में ही निर्माण का रास्ता साफ किया जाए।
