नई दिल्ली : देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक राहत भरी खबर में, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) ने चालू रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि की है। अप्रैल-दिसंबर 2025 की अवधि के आंकड़ों के अनुसार, सरकार और उद्योग जगत ने घरेलू उत्पादन और आयात के बीच एक सटीक संतुलन बनाकर आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ किया है। इस अवधि में यूरिया की बिक्री 3.8% बढ़कर 31.16 मिलियन टन तक पहुँच गई है। यूरिया की इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 22.44 मिलियन टन के घरेलू उत्पादन के साथ-साथ आयात में 85.3% की भारी वृद्धि की गई है, जिससे किसी भी तरह की किल्लत की आशंका को समाप्त कर दिया गया है।
संतुलित पोषण और ‘कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स’ पर जोर मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार के ‘संतुलित पोषण’ अभियान का असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है। कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स (NP/NPK) के घरेलू उत्पादन में 13.1% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि इसके आयात में 121.8% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, स्वदेशी फॉस्फेटिक उर्वरक ‘सिंगल सुपर फॉस्फेट’ (SSP) ने भी अपनी मजबूती साबित की है, जिसके उत्पादन में 10.3% और बिक्री में 13.1% की बढ़त देखी गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि किसान अब पारंपरिक खादों के साथ-साथ विशिष्ट पोषक तत्वों वाले उर्वरकों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
डीएपी और पोटाश की स्थिति हालांकि, डीएपी (DAP) की बिक्री में 4.1% की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार ने इसके आयात में 45.7% की वृद्धि सुनिश्चित की है। पोटाश (MOP) की मांग भी स्थिर बनी हुई है और इसकी बिक्री में 5.3% का सुधार देखा गया है। FAI के चेयरमैन श्री एस. संकरासुब्रमण्यन और महानिदेशक डॉ. सुरेश कुमार चौधरी ने साझा किया कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश का यह संतुलित उपयोग दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता के लिए अनिवार्य है। सुचारू रसद प्रबंधन और सरकारी नीतिगत सहयोग के चलते रबी फसलों की बुवाई के लिए उर्वरकों का स्टॉक अब देश के हर कोने में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।


