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Friday, April 17, 2026
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को दी 200 करोड़ की सौगात, भावांतर योजना की अंतिम किश्त जारी

भावांतर भुगतान योजना किसानों की तपस्या का सम्मान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मंदसौर/ खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान हमारी संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। मौसम, कीट, ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के बीच किसान दिन-रात खेतों में मेहनत करता है। सरकार का दायित्व है कि कठिन समय में वह किसानों की ढाल बनकर खड़ी रहे। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसानों के कठिन परिश्रम, तपस्या और समर्पण का सम्मान है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रुपए अंतरित किए।

अब तक 1500 करोड़ से अधिक की भावांतर राशि का भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक प्रदेश के 7 लाख 10 हजार से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को लगभग 1500 करोड़ रुपए की भावांतर राशि दी जा चुकी है। मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को करीब 43 करोड़ रुपए का लाभ मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के 5 पात्र किसानों को भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।

वीरता का सम्मान

समारोह में मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एक दुर्घटना में चार लोगों की जान बचाने वाले स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र संजय सिंह को पुलिस आरक्षक (जीडी) पद का अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता और साहस का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है।

मल्हारगढ़ और मंदसौर को विकास की बड़ी सौगातें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 51.91 करोड़ रुपए की लागत से मंदसौर–नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाईओवर एवं 5.53 करोड़ रुपए की लागत से पिपलिया मंडी रेलवे अंडरब्रिज निर्माण का भूमि-पूजन किया। साथ ही 2.06 करोड़ रुपए से बने रेलवे अंडरपास का लोकार्पण भी किया।
उन्होंने भुवानी माता मंदिर के जीर्णोद्धार और काका गाडगिल सागर डेम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

भावांतर योजना में सरसों और मूंगफली भी होंगी शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने भावांतर भुगतान योजना लागू की। आने वाले वर्षों में सरसों और मूंगफली को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने अगले पांच वर्षों में ढाई लाख नई नौकरियों और महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के तहत 1500 रुपए प्रति माह देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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