उदयपुर : हिंदुस्तान जिंक की अध्यक्ष (चेयरपर्सन) प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी के भविष्य के विजन और तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार वित्तीय परिणामों की जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुस्तान जिंक अब केवल जस्ता (जिंक) और चांदी तक सीमित न रहकर, एक विविधीकृत मल्टी-मेटल और क्रिटिकल मिनरल कंपनी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने टंगस्टन अन्वेषण (Exploration) के लिए लाइसेंस हासिल कर महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अपनी रणनीतिक शुरुआत कर दी है।
रिकॉर्ड तोड़ वित्तीय और परिचालन आंकड़े तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
- ऐतिहासिक राजस्व: कंपनी का त्रैमासिक राजस्व पहली बार ₹10,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर ₹10,980 करोड़ तक पहुँच गया।
- मुनाफे में उछाल: कर पश्चात मुनाफा (PAT) साल-दर-साल आधार पर 46% बढ़कर ₹13,916 करोड़ रहा।
- एबिट्डा (EBITDA): 55% के मजबूत मार्जिन के साथ एबिट्डा ₹16,087 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर रहा।
- उत्पादन: कंपनी ने 276 केटी (KT) खनन आधारित धातु और रिकॉर्ड 270 केटी रिफाइंड मेटल का उत्पादन किया।
चांदी का बढ़ता दबदबा और लागत में कमी प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण कंपनी के कुल मुनाफे में चांदी का योगदान बढ़कर 44% हो गया है। इस तिमाही में कंपनी ने 158 मीट्रिक टन चांदी का उत्पादन किया। उल्लेखनीय है कि यह सब तब हासिल किया गया जब कंपनी ने अपनी उत्पादन लागत को 10% घटाकर 940 डॉलर प्रति टन कर दिया है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागतों में से एक है।
भविष्य की रणनीति: टेक्नोलॉजी और जिंक पार्क कंपनी की भविष्य की योजनाओं में ‘जिंक पार्क’ जैसी पहल और सुरक्षा व दक्षता बढ़ाने के लिए स्वचालन (Automation) का व्यापक उपयोग शामिल है। हेब्बार ने कहा कि वास्तविक समय की निगरानी और डेटा-आधारित फैसले केवल टूल्स नहीं हैं, बल्कि यह हमारे कर्मचारियों और समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का जरिया हैं। हिंदुस्तान जिंक अब अगले औद्योगिक युग के लिए तैयार एक उद्देश्य-प्रेरित वैश्विक उपक्रम के रूप में उभर रहा है।


