न्यूयॉर्क / मुंबई: रत्न एवं आभूषणों के प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। दुनिया के सबसे भरोसेमंद संगठनों में से एक, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (IGI) ने रंगीन रत्नों (Colored Gemstones) के विश्लेषण में अग्रणी अमेरिकन जेमोलॉजिकल लेबोरेटरीज (AGL) का अधिग्रहण कर लिया है। इस रणनीतिक गठबंधन का उद्देश्य IGI के व्यापक वैश्विक नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को AGL की गहरी वैज्ञानिक विशेषज्ञता के साथ जोड़ना है, जिससे रंगीन रत्नों के प्रमाणीकरण में पारदर्शिता और भरोसे के एक नए युग की शुरुआत होगी।
इस अधिग्रहण के बाद भी क्रिस स्मिथ एजीएल के प्रेसिडेंट और चीफ जेमोलॉजिस्ट बने रहेंगे और लेबोरेटरी का मुख्यालय न्यूयॉर्क से ही स्वतंत्र रूप से संचालित होगा। IGI के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्लोबल सीईओ श्री तेहमास्प प्रिंटर ने इस कदम को उद्योग के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया है। उन्होंने कहा कि AGL की वैज्ञानिक विशेषज्ञता और IGI के वैश्विक प्लेटफॉर्म के मिलने से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार होगा जो बिना किसी वैज्ञानिक समझौते के बड़े पैमाने पर अपनी सेवाएं देने में सक्षम होगा। इस साझेदारी के माध्यम से AGL को अमेरिकी बाजार से बाहर विस्तार करने का मौका मिलेगा, जबकि IGI के राजस्व और बाजार अनुसंधान क्षमताओं में विविधता आएगी।
ब्लैकस्टोन के दीर्घकालिक निवेश सहयोग से समर्थित IGI, अब रंगीन रत्नों के क्षेत्र में अपने शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी और अधिक उन्नत बनाएगा। 1977 में स्थापित AGL, जो दुनिया के बड़े लग्जरी ब्रांड्स और ऑक्शन हाउस को अपनी सेवाएं देता है, अब IGI के साथ मिलकर वैश्विक रत्न व्यापार में ‘मूल स्थान’ (Country of Origin) की जानकारी और शुद्धता के मानकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह साझेदारी विशेष रूप से अमेरिका, जो आभूषणों का सबसे बड़ा बाजार है, और भारत, जो रत्न निर्माण का वैश्विक केंद्र है, के बीच रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।


