मुंबई : भारत की अग्रणी रियल एस्टेट कंपनी, गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (GPL) ने राष्ट्र निर्माण में जुटे अपने श्रमिकों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व पहल ‘गोदरेज सहयोग (Godrej SAHYOG)’ की शुरुआत की है। यह अपनी तरह का पहला संरचित मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम है, जिसे मुंबई के पनवेल स्थित ‘गोदरेज सिटी’ में लॉन्च किया गया। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, अब इसे देश भर के 79 निर्माण स्थलों पर लागू किया जा रहा है, जिससे लगभग 30,000 श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन प्रवासी श्रमिकों को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करना है, जो अक्सर अपने परिवारों और पारंपरिक सामाजिक तंत्र से दूर रहकर काम करते हैं। इसके लिए गोदरेज प्रॉपर्टीज ने मानसिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संस्था ‘1to1 Help’ के साथ साझेदारी की है। कार्यक्रम के तहत श्रमिकों को 24×7 ऑडियो-विजुअल हेल्पलाइन, गोपनीय व्यक्तिगत काउंसलिंग और मासिक ऑन-साइट समूह सत्रों की सुविधा मिलेगी। यह पहल निर्माण उद्योग के पारंपरिक दृष्टिकोण को बदलते हुए केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देती है।
लॉन्च के अवसर पर गोदरेज प्रॉपर्टीज के एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन पीरोजशा गोदरेज ने कहा कि देश का बुनियादी ढांचा बनाने वालों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना केवल व्यावसायिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व है। कंपनी के एमडी और सीईओ गौरव पांडेय ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी का उद्देश्य ऐसे निर्माण स्थल बनाना है जो केवल कुशल ही नहीं, बल्कि मानवीय और सम्मानजनक भी हों। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिव्यांग दोशी के अनुसार, इस पहल से श्रमिकों में तनाव को कम करने और संवाद को सामान्य बनाने में मदद मिलेगी, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और उत्पादकता दोनों में सुधार होगा।


