डिंडोरी/ शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ जिला अस्पताल की कथित लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी रविंद्र कुमार मरावी की जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण उनका ऑक्सीजन लेवल गिरा और कुंडम से लगभग 10 किलोमीटर पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
‘जननी एक्सप्रेस’ में भेजने पर उठे सवाल
सिविल लाइन वार्ड नंबर 5 निवासी रविंद्र कुमार मरावी अमरपुर ब्लॉक के धनवासी गांव में पदस्थ थे। पेट दर्द की शिकायत पर उन्हें बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। गुरुवार सुबह गंभीर स्थिति में उन्हें जबलपुर रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें जननी एक्सप्रेस से भेजा गया, जिसमें एक सिलेंडर पूरी तरह खाली था और दूसरे के लिए 2000 जमा कराए गए, लेकिन वह भी रास्ते में खत्म हो गया। एंबुलेंस में कोई चिकित्सकीय स्टाफ मौजूद नहीं था।
परिजनों का प्रदर्शन, हाईवे जाम
मरीज की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल और रानी अवंती बाई चौक पर खाली सिलेंडर रखकर प्रदर्शन किया और जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे जाम कर दिया। तहसीलदार राम प्रसाद मार्को की समझाइश विफल रही। बाद में एसडीएम भारती मेरावी और सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे के कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खुला।
जांच और कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम ने कहा कि परिजनों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है और जांच जारी है। सीएमएचओ ने भी दोषियों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर ठोस कदम उठेंगे?


