भोपाल : भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा कंपनी, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के प्रभावशाली वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने समेकित आधार पर ₹789 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से ₹585 करोड़ के एकमुश्त असाधारण लाभ (One-time Gain) से प्रेरित है। इस तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व ₹2,138 करोड़ रहा, जबकि एबिट्डा (EBITDA) मार्जिन 17.87% के मजबूत स्तर पर बना रहा। डीबीएल अब केवल एक ईपीसी (EPC) कंपनी से विकसित होकर एक मल्टी-एसेट बुनियादी ढांचा प्लेटफॉर्म बन गई है, जो खनन और एन्युइटी आधारित संपत्तियों से निरंतर नकदी प्रवाह सृजित कर रही है।
ऐतिहासिक ऑर्डर बुक और विविधीकरण कंपनी की भविष्य की वृद्धि की नींव इसकी ₹29,372 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जो अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। चुनाव के बाद निविदा गतिविधियों में आई तेजी ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डीबीएल ने अपनी जोखिम प्रबंधन रणनीति के तहत अपने पोर्टफोलियो को सड़क एवं राजमार्ग, सिंचाई, मेट्रो रेल, जलापूर्ति, सुरंग और खनन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया है। यह विविधीकरण कंपनी को किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम करने और स्थिर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद करता है।
पूंजी पुनर्चक्रण और रणनीतिक विकास इस तिमाही का एक प्रमुख मील का पत्थर ‘अनंतम हाईवेज़ इन्विट’ (Anantnam Highways InvIT) का शेयर बाजारों में सफलतापूर्वक सूचीबद्ध होना रहा। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री दिलीप सूर्यवंशी ने बताया कि डीबीएल अब परिसंपत्ति-आधारित मॉडल (ट्रांसमिशन और नवीकरणीय ऊर्जा) की ओर बढ़ रहा है, जो दीर्घकालिक मूल्य निर्माण करेगा। वहीं, मुख्य कार्यकारी श्री देवेंद्र जैन ने परिचालन दक्षता पर जोर देते हुए कहा कि कंपनी ने अपने शुद्ध ऋण (Net Debt) को ₹3,392 करोड़ के उच्चतम स्तर से काफी कम कर दिया है और पूंजीगत व्यय (Capex) में अनुशासन बरतते हुए बैलेंस-शीट को मजबूत किया है। सरकार द्वारा बजट में बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.21 ट्रिलियन का आवंटन कंपनी के लिए आगामी वर्षों में नए विकास द्वार खोलेगा।
