बैतूल/ सचिन जैन/ खबर डिजिटल/ जिला मुख्यालय स्थित बडोरा कृषि उपज मंडी शुक्रवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। यहां एक मामूली कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि मंडी का पूरा कारोबार ठप पड़ गया। जानकारी के अनुसार, एक किसान और हम्माल के बीच हुई तीखी बहस के बाद हालात बिगड़ गए, जिसके विरोध में सभी हम्मालों ने सामूहिक रूप से काम बंद कर दिया है।
गाली-गलौज के आरोपों से उपजा असंतोष
हड़ताल पर बैठे हम्मालों का स्पष्ट आरोप है कि मंडी में आए दिन किसानों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की जाती है। आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने की बात कहते हुए हम्मालों ने काम करने से इनकार कर दिया है। इसका सीधा असर मंडी की व्यवस्था पर पड़ा है—तुलाई से लेकर ट्रकों की लोडिंग तक के सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह बाधित हो गए हैं।
मंडी में लगा वाहनों का लंबा जाम
काम बंद होने के कारण मंडी के भीतर और बाहर अनाज से लदे वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। परिसर में मक्का और सोयाबीन के विशाल ढेर खुले में पड़े हैं। व्यापारियों और मंडी प्रबंधन द्वारा बीच-बचाव कर मामले को सुलझाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
वीकेंड पर बढ़ सकती है मुसीबत
चिंता की बात यह है कि शनिवार और रविवार को मंडी का साप्ताहिक अवकाश रहता है। यदि शुक्रवार शाम तक हम्माल काम पर वापस नहीं लौटे, तो मंडी परिसर में लगा यह जाम सोमवार तक बना रहेगा। इससे न केवल किसानों की उपज खराब होने का डर है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा जाएगी। प्रशासन अब दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने में जुटा है।


