भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ यह रिश्ता क्या कहलाता है ? मैंने क्या गलत कहा था? ये सवाल इसीलिये करना पड़ रहा है कि एक तस्वीर ने अल्पसंख्यक वोटर्स की फिजां ही बदल दी है, ये तस्वीर इंदौर से आई है, लेकिन इसको साझा करने का काम किया है, AIMIM के नेता पीरज़ादा तौकी़र निजा़मी ने, जिन्होंने एक बार फिर एमपी में बीजेपी और कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं के बीच अघोषित गठबंधन की बात कही है।
मध्यप्रदेश में कितने प्रतिशत मुस्लिम मतदाता
मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा हिंदू बहुल राज्य माना जाता है, जनगणना 2011 के अनुसार, प्रदेश की कुल आबादी लगभग 7.6 करोड़ थी, इसमें से लगभग 90.9 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की थी, राज्य में करीब 6.6 करोड़ हिंदू रहते हैं, वहीं मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी 6.57% यानी लगभग 47 लाख थी। एमपी में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी भोपाल में निवास करती है, इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और बुरहानपुर में मुस्लिम आबादी निवास करती है।

बिहार के बाद एमपी पर AIMIM की नजर
AIMIM के नेता पीरज़ादा तौकी़र निजा़मी के इस फोटो को जारी करने के पीछे उनका कहना है कि हर जगह मुस्लिम मतदाता को किसी ना किसी बात के नाम पर बरगलाया जा रहा है, जबकि बीजेपी का और कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं के बीच पर्दे के पीछे गठबंधन है, जिसकी तस्वीर उन्होंने साझा करते हुए साफ किया कि जनता इस सच को समझकर आने वाले वक्त में AIMIM का ही साथ देगी।
बीजेपी और कांग्रेस मांग सकती है स्पष्टीकरण
बिहार के मुस्लिम नेता शाहनवाज हुसैन और इंदौर में सालों से पार्षद या पार्षद पति रहे शेख अलीम की यह मुलाकात दोनों ही संगठन के नेताओं के लिए एक ताकीद है, और माना जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस इसको लेकर अपने नेताओं से स्पष्टीकरण मांग सकती है, जिनमें साथ में दिखाई दे रहे, बीजेपी के मुस्लिम नेता तो एमपी अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार हैं, और उनका नाम शेख असलम है।
