भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ विधानसभा के बजट सत्र के बीच शुक्रवार का दिन कांग्रेस के लिए बेहद ही चौंकाने वाला रहा, क्योंकि कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया, उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। जिसके पीछे उन्होंने परिवार और क्षेत्र में पर्याप्त समय न दे पाने को कारण बताया है। इस्तीफे में उन्होंने साफ किया कि वो इस पद पर रहते अपने क्षेत्र में समय नहीं दे पा रहे थे, इसीलिये वो महज कांग्रेस विधायक ही रहना चाहते हैं, हालांकि हेमंत कटारे ने अंत में लिखा किपार्टी ने उन्हें इस योग्य समझा, इसके लिए मैं पार्टी का आभारी हूं।
शादी की सालगिरह पर छोड़ा पद
जानकारी के मुताबिक हेमंत कटारे की 20 फरवरी को शादी की सालगिरह है, इसी दिन को उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ने के लिए चुना। सदन से निकलने के बाद शाम 4 बजे से ही उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा था, और इसके कुछ घंटों के बाद ही कटारे का इस्तीफा सोशल मीडिया की रौनक बढ़ा गया। जिस पर संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने साफ किया कि हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों और समय की कमी का उल्लेख किया है, इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है, नाकि कांग्रेस पार्टी से। जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही अंतिम फैसला लेंगे।
पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को हराया था चुनाव
पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के बेटे हेमंत कटारे 2013 में पहली बार अटेर विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे, हालांकि अगले चुनाव यानि 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को हराकर चुनाव जीता था, जोकि काफी कड़ा मुकाबला था। वे सदन में कांग्रेस के ब्राह्मण और सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करते थे, जिसके लिए माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में इसी श्रेणी से नया उप नेता प्रतिपक्ष चुना जा सकता है।
