डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के मेंहदवानी जनपद की ग्राम पंचायत सारंगपुर में महिला सरपंच कमलवती परस्ते और ग्रामीणों की मेहनत से गांव में एक किलोमीटर की दूरी से नर्मदा जी का पानी पहुंचाने की पहल सामने आई है।
करीब पिछले 1 साल से गांव में सुबह और शाम दोनों समय नर्मदा जी का स्वच्छ जल गांव में पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत सारंगपुर के पोषक ग्राम कनेरी रैयत( मुरमीटोला) के ग्रामवासी पानी की एक-एक बूंद को तरसते थे, पानी के लिए उन्हें 1 किलोमीटर से भी ज्यादा भटकना पड़ता था।
पीएचई विभाग के द्वारा गांव में कई जगह नलकूप खनन भी कराया गया लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं निकला। ग्राम पंचायत सारंगपुर में पीएचई विभाग के 15 वें वित्त आयोग की राशि लगभग 4 लाख 50000 रुपए का ऐसा सटीक प्रयोग किया गया कि अधिकारी भी इसे देखकर हैरान है।

जहां करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सरकारी प्रोजेक्ट दम तोड़ देते हैं, वहीं महिला सरपंच कमलवती परस्ते ने इस छोटी सी राशि का सदुपयोग करते हुए पानी की तीन बड़ी टंकियां बनवाई ।पाइप, वायर, और शक्तिशाली मोटर पंप की खरीदी इस राशि से की गई। लेकिन चुनौती बड़ी थी। नर्मदा तट से गांव तक की 1 किलोमीटर की लंबी सीधी खड़ी चढ़ाई ।
इतने काम में ही बजट खत्म हो चुका था, काम अभी अधूरा था। ग्रामीणों ने गांव के प्रत्येक घर से चंदा जुटा कर बिजली का ट्रांसफार्मर लगवाया। इसके बाद शुरू हुआ श्रमदान गांव के युवा और बुजुर्गों ने अपने हाथ में कुदाल और फावड़े उठायें और इस पथरीली घाटी को खोद कर उसमें पाइप लाइन डाली। यह ग्राम वासियों का ऐसा प्रयास था जहां पर मशीन भी अपना दम तोड़ देती है।
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रानी दुर्गावती स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी बचत से एक अतिरिक्त मोटर पंप खरीदी यह मोटर पंप खरीदने के पीछे उनकी सोच स्पष्ट थी कि अगर एक मोटर पंप खराब हो जाए तो दूसरा पंप लगाया जा सके और गांव प्यास ना रहे। आज पिछले 1 साल से सारंगपुर के घर-घर में नर्मदा का जल सुबह-शाम पहुंच रहा है। इस सफलता को देखने के लिए जनपद के सीईओ, एसडीओ और आसपास की दर्जनों पंचायत के सरपंच सारंगपुर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया कि यदि इच्छा शक्ति मजबूत हो तो संसाधनों की कमी भी आडें नहीं आती।
महिला सरपंच के जुनून और ग्राम वासियों के अथक प्रयास से आज सहारनपुर में पर्याप्त जल की व्यवस्था है। अब उन्हें गुंडी और बाल्टी लेकर 1 किलोमीटर दूर नर्मदा तट नहीं जाना पड़ता। गांव वासियों के चेहरे अब खिलें हुए हैं। ग्राम वासियों का कहना है कि यह सफलता सरपंच कमलवती एवं समस्त ग्राम वासियों के मेहनत और लगन का परिणाम है।
