भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ पान मसाला और गुटखा प्रेमियों के माथे पर फिलहाल शिकन नजर आ रही है, क्योंकि कई प्रसिद्ध ब्रांड राजश्री, पान पराग, विमल, पान बहार, आरएमडी, कमला पसंद समेत सभी पान मसालों के दाम अचानक बढ़ गए हैं, 5 रुपये वाला 6 से 8 रुपये, दस रुपये वाला 12 से 15 रुपये और इसी तरह अन्य कोई तय रेट से ज्यादा में बेचा जा रहा है, जिसके चलते इसके कारणों को जानने का प्रयास लगातार किया जा रहा है, लेकिन इस सवाल का उत्तर नहीं मिल पा रहा है।
व्यापारियों ने बताया कारण
छोटे दुकानदारों ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें ऊपर से ही माल महंगा मिल रहा है, जबकि उन पर पुरानी रेट ही अंकित है, इसीलिये उन्हें भी अपनी आमदनी के लिए तय रेट से ज्यादा वसूलना पड़ रहा है। वहीं खुदरा व्यापारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण उन्हें भी अधिक दाम पर माल बेचना पड़ रहा है। हालांकि उपभोक्ताओं का अपना तर्क है कि आखिर ऐसा है तो पुराना दाम ही क्यों अंकित किया गया है। तर्क दिया जा रहा है कि जमाखोरी कर दामों में बढ़ोतरी की गई है, और मौके का फायदा उठाकर तगड़ा मुनाफा कमाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं ने की प्रशासन से मांग
पान मसाला के मनमाने दामों की वसूली को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है, अंकित मूल्य से अधिक की वसूली करने वाले बड़े व्यापारियों से गोदामों पर छापामार कार्रवाई कर अतिरिक्त माल को बाजार में पहुंचाने की अपील गई है, क्योंकि इससे उनकी जेब पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है, और एक-दो रुपये के मुनाफे का खेल ऊपर जाकर करोड़ों रुपये में है, जिससे सरकारी टैक्स की भी चोरी करने की बात कही जा रही है।


