सीहोर : वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एडवांस्ड साइंसेज़ एंड लैंग्वेजेज द्वारा आज ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर एक प्रेरणादायक शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महान वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की ऐतिहासिक खोज की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम को मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय “प्रकाश से जीवन तक: प्रश्न पूछने की शक्ति” रहा। मुख्य अतिथि, आईआईएसईआर (IISER) भोपाल के डॉ. वरदराजन श्रीनिवासन ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर बड़ी वैज्ञानिक खोज की नींव ‘जिज्ञासा’ पर टिकी होती है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे समाज में सार्थक बदलाव लाने के लिए आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और अंतःविषयक दृष्टिकोण को अपनाएं।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
- विशेषज्ञ व्याख्यान: डॉ. सिद्धार्थ मैती ने बायोइंजीनियरिंग में गणितीय संरचनाओं के महत्व को समझाया, जबकि डॉ. रुद्र कल्याण नायक ने अनुसंधान और उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्रांतिकारी भूमिका पर प्रकाश डाला।
- स्कूली भागीदारी: सी.एम. राइज स्कूल (आष्टा) और गवर्नमेंट हाई स्कूल (कोठारी) के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- प्रतियोगिता के परिणाम: प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सी.एम. राइज स्कूल, आष्टा ने प्रथम और द्वितीय स्थान जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जबकि गवर्नमेंट हाई स्कूल, कोठारी तीसरे स्थान पर रहा। मॉडल प्रस्तुति में भी दोनों स्कूलों की नवीन प्रविष्टियों को पुरस्कृत किया गया।
विश्वविद्यालय के इस प्रयास ने न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया, बल्कि स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच भी प्रदान किया। समापन सत्र में डॉ. वरदराजन श्रीनिवासन और डॉ. गीतांजलि गिरि ने विजेताओं को सम्मानित कर उनके मनोबल को बढ़ाया।


