भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ एमपी में एक और रबी सीजन को लेकर किसानों से गेहूं की खरीदी को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है। दूसरी तरफ किसानों में समर्थन मूल्य और बोनस को लेकर किसानों में असंतोष दिखाई दे रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 2 हजार 585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, लेकिन फिर भी किसानों में नाराजगी दिखाई दे रही है, क्योंकि राज्य सरकार का बोनस उनको कम लग रहा है।
बोनस में कमी को लेकर छिड़ी जंग
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सरकार ने बोनस कम कर दिया है, पिछली बार एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को राज्य सरकार ने 175 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया था, लेकिन इस बार महज 15 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है। जिसके चलते अब सरकार के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। किसानों का साफतौर पर कहना है कि अगर सरकार ने बोनस नहीं बढ़ाया तो वो सड़क पर आने को मजबूर होंगे।
पीसीसी चीफ ने लिखा सीएम को पत्र
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि किसानों के हित में बोनस राशि बढ़ाई जाए और समर्थन मूल्य पर खरीदी को अधिक लाभकारी बनाया जाए।साथ ही उनका कहना है कि अगर राज्य सरकार 175 रुपये का बोनस देती है, तो प्रदेश के किसानों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है। इसके साथ ही पीसीसी चीफ ने खरीदी केंद्रों की सूची सार्वजनिक करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की भी मांग की गई है।
पड़ोसी राज्य राजस्थान का किया जिक्र
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पड़ोसी राज्य राजस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान की सरकार गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है, जबकि मध्यप्रदेश में महज 15 रुपये बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की है।
जीतू पटवारी का सरकार पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पड़ोसी राज्य तो मध्यप्रदेश के किसानों को सिर्फ 15 रुपये ही क्यों? पटवारी ने सरकार से आग्रह किया कि पिछले वर्ष की तरह 175 रुपये का बोनस दिया जाए, जिससे किसानों को 2700 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिल सके।


