देवास/खबर डिजिटल/ देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, अबकी बार वो अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं, उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के मामले में फेसबुक पर एक पोस्ट की है। सोलंकी ने लिखा है कि “रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह का नाम लेना चाहिए, कुरान शरीफ का पाठ करना चाहिए, हुजूर पाक को याद करना चाहिए। ये खामेनेई-खामेनेई क्या लगा रखा है? वो तो गया 72 हूरों के पास…।”
खामेनेई की मौत पर सोशल मीडिया पर बढ़ी सियासत
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सोशल मीडिया पर सियासत का जारी है, कोई उनकी मौत को सही बताकर इजराइल और अमेरिका के साथ खड़ा है, तो कोई उनकी मौत पर मातम डूबा है। वहीं अब देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की पोस्ट ने सियासत को गरमा दिया है, उनकी पोस्ट पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है, दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बात रख रहे हैं, वो भी अपने-अपने ढ़ंग से। बता दें कि सांसद सोलंकी अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि के चलते अक्सर चर्चा में रहते हैं और सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहकर विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं।
कांग्रेस ने सम्मान के विपरीत बताया बयान
देवास के पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष और मंदसौर जिले के प्रभारी मनोज राजानी ने कहा कि किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष को लेकर सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद खामेनेई को श्रद्धांजलि दी है, तो ऐसे में उन्हीं की पार्टी के सांसद द्वारा ऐसी पोस्ट लिखना कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने सांसद के बयान को असंयमित बताया है।
संसदीय मर्यादा और जिम्मेदारी का दिया हवाला
मनोज राजानी ने आगे कहा कि संसदीय मर्यादा के अनुरूप ही जनप्रतिनिधियों के वक्तव्य होने चाहिए और उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद हिंदू-मुस्लिम के अलावा कुछ नहीं करते हैं।


