भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की सरकारी मशीनरी को सुधारने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं, इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है, जिसके आधार पर आगामी समय में प्रमोशन की लिस्ट तैयार होगी। बावजूद इसके देखा जा रहा है कि कर्मचारियों में कामकाज को समय पर निपटाने और समय पर दफ्तर आने में रुचि नहीं देखी जा रही है, जनता को मंत्रालय और उसके आसपास कामकाज के लि्मए भटकते देखा जा सकता है, इसकी शिकायत उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई थी, नतीजतन अब कर्मचारियों के अवकाश में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मु्ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सख्त अंदाज
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकारी कार्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी। उनका साफ कहना है कि यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आता है तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालय में जनता के हित के हिसाब से व्यवस्था लागू करना उद्देश्य है। शासकीय सेवकों से कार्यालयीन समय पालन की अपेक्षा की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में गत दिवस कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। इसी तरह जिला स्तर पर भी कलेक्टर्स को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालयीन स्टाफ को सुविधाएं, उनका अधिकार देने के साथ नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित होना चाहिए।
परफॉर्मेंस वाली ही मैदान में रहेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान की जिला कलेक्टर मॉनीटरिंग करें, अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और रिजल्ट देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा, अभियान के अंतिम चरण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 40 लाख आवेदनों का निराकरण हो चुका है. उन्होंने कहा, जो कलेक्टर परिणाम देंगे, वही मैदान में रहेंगे।


