भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते सबसे ज्यादा चिंता पेट्रोल और डीजल, एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जताई जा रही है, ऐसे में एमपी में इनकी सप्लाई कंपनियों और एजेंसियों की मॉनिटरिंग शुरु कर दी गई है, जिसके लिए सीएम डॉ. मोहन यादव खुद नजर बनाए हुए हैं कि कि किस भी तरह से जनता को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
कलेक्टर के पास जाएगी रोजाना की रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल ईरान युद्ध के चलते पेट्रोलियम वितरण एजेंसी और गैस डिपो में होने वाली सप्लाई की जानकारी पर प्रशासन नजर बनाए हुए है, क्योंकि जनता को किसी भी तरह का परेशानी ना हो, और युद्ध के नाम प कोई तरह की कालाबाजारी की शुरुआत ना हो जाए, इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभी से प्रशासन को अलर्ट कर दिया है, उसी का असर है कि कंपनियों और एजेंसियों के स्टॉक की सारी जानकारी रोजाना कलेक्टर को भेजना अनिवार्य कर दिया गया है।
विभागीय मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक
मिडिल ईस्ट युद्ध के मद्देनजर सीएम डॉ. मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता की समीक्षा के लिए निर्देशित किया था, इसी के मद्देनजर राजधानी भोपाल में अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी और विभागीय मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बीच एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें तय किया गया कि इंदौर समेत पश्चिम मध्य प्रदेश में तमाम पेट्रोलियम एजेंसी और गैस सप्लाई से जुड़ी कंपनियों को अपने स्टॉक की स्थिति की निगरानी करने के साथ प्रतिदिन की जानकारी और खपत की स्थिति का ब्यौरा संभाग आयुक्त और कलेक्टरों को देना होगा, और आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश को कितनी जरुरत
एमपी में फिलहाल 2 करोड़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल डीजल की खपत होती है, आंकड़ों के अनुसार 2022 रोजाना 2.3 लाख एलपीजी गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है, जिस पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने दावा किया है कि फिलहाल युद्ध के वर्तमान हालातों को देखते हुए राज्य में पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, किसी भी तरह की किल्लत आने की संभावना नहीं है।


