Digvijay Singh : राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर बासमती धान का उत्पादन होने के बावजूद प्रदेश को अब तक जीआई टैग नहीं मिल पाया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चावल का उत्पान, लेकिन टैग नही
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 27 लाख मीट्रिक टन बासमती चावल का उत्पादन होता है, लेकिन इसके बावजूद (एपीडा) द्वारा मध्यप्रदेश के धान को जीआई टैग नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में लगभग 30 रुपये किलो बिकने वाला चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 320 रुपये प्रति किलो के बराबर डॉलर में बिकता है, लेकिन जीआई टैग नहीं होने के कारण मध्यप्रदेश के किसान इस लाभ से वंचित रह जाते हैं।
पाकिस्तान से की तुलना
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस मामले में भारत का सीधा मुकाबला Pakistan से है। पाकिस्तान ने अपने 48 जिलों में बासमती को जीआई टैग दिला दिया है, जबकि मध्यप्रदेश के 13 जिलों को यह दर्जा नहीं मिल सका। जो चिंताजनक है। उन्होंने बताया की मामले को लेकर वे साल 2025 में पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुके है।
शिवराज सिंह पर हमला
सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि वे 16 साल मुख्यमंत्री रहे, लेकिन किसानों को उनका हक नहीं दिला पाए। आखिर मध्यप्रदेश के किसानों के साथ अन्याय क्यों? दिग्विजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रदेश में बासमती धान को जल्द जीआई टैग नहीं मिला तो वे अनशन पर बैठ जाएंगे।


