सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी — जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि शहर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है और कई स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर इनकी बिक्री की जा रही है।बताया जा रहा है कि शहर के कई होटल, ढाबों और व्यावसायिक संस्थानों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की जगह घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है। नियमों के अनुसार व्यावसायिक उपयोग के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि लागत बचाने के लिए घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर का निर्धारित मूल्य लगभग 941 रुपये है, इसके बावजूद शहर में कई स्थानों पर इन्हें 1050 से 1100 रुपये तक में बेचा जा रहा है। आरोप है कि कुछ गैस एजेंसियों और अवैध रूप से गैस बेचने वाले लोगों द्वारा मनमाने दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं और उन्हें अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ रही है।वहीं लोगों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर गैस उपलब्ध हो सके।
कटनी में गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केटिंग का आरोप, खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
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