MP Rajya Sabha Elections : मध्यप्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है, चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिन सीटों पर चुनाव होना है उनमें से दो सीटें वर्तमान में बीजेपी के पास है और एक सीट कांग्रेस के पास है। कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह पहले ही दोबारा राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके है। ऐसे में अब कांग्रेस से कौन उम्मीदवार होगा? इस पर सभी की निगाहें टिक गई है।
दौड़ में कांग्रेस के ये नेता!
दिग्विजय सिंह के पीछे हटने के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राज्यसभा जाने के लिए इच्छुक बताए जा रहे हैं। संभावित दावेदारों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का नाम तेजी से चर्चा में आने लगा है।
दलित की उठी मांग
इसके अलावा दलित वर्ग से किसी नेता को राज्यसभा भेजने की मांग भी उठ रही है। जिसको लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी आलाकमान को एक पत्र लिखकर मांग की है। इतना ही नहीं राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का नाम भी चर्चा में बना हुआ है।
कांग्रेस की बढ़ी चिंता
राज्यसभा किसे भेजा जाएगा, यह तो पार्टी आलाकमान ही तय करेगी, लेकिन इससे पहले कांग्रेस को एक चिंता खाए जा रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि कुछ विधायक पार्टी लाइन से हटकर मतदान करते हैं तो कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा सीट पर संकट खड़ा हो सकता है। नेताओं का आरोप है कि भाजपा विधायकों को कई प्रस्ताव देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस के गलियारों में ऐसी चर्चाएं होने लगी है।
पहले हो चुकी क्रॉस वोटिंग
आपको बता दे कि मध्यप्रदेश की राजनीति में क्रॉस वोटिंग पहले भी हो चुकी है। साल 2022 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को उम्मीद से काफी कम वोट मिले थे। उस दौरान अनुमान लगाया गया था कि उन्हें करीब 103 वोट मिलेंगे, लेकिन मतदान में उन्हें सिर्फ 79 वोट ही मिले थे। इससे साफ संकेत मिले थे की कई विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की थी।


