जबलपुर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के लिए जबलपुर से अच्छी खबर आई है, यहां पर करीब तीन तहसीलों मझौली, सिहोरा और पनागर में चार जगह आयरन ओर का बड़ा ब्लॉक मिला है। तीन तहसीलों में मिला कुल रकबा 1 हजार 81 हेक्टेयर है। सबसे बड़ा 936 हेक्टेयर का ब्लॉक मझौली के दर्शनी में मिला है। 15 जिलों में छोटे-बड़े आयरन ओर यानी लोह अयस्क के भंडारों के बीच यह सबसे बड़ा क्षेत्र होगा, जहां पर इसकी अच्छी मात्रा का पता चला है।
जबलपुर और कटनी में लोह अयस्क
जबलपुर और कटनी की वर्तमान खदानें 20 से 35 हेक्टेयर की हैं। यहां से चीन तक लौह अयस्क का निर्यात किया जा चुका है। अब नए ब्लॉक मिलने के बाद प्रदेश का राजकोष और मजबूत होगा। खनिज विभाग का बजट में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। साथ ही आने वाले वक्त में इस इलाके में और भी ब्लॉक की खोज का रास्ता खुलता नजर आएगा।
विस्तृत जानकारी की साझा
आयरन ओर व मैग्नीज का रकबा मझौली, सिहोरा, पनागर तहसील के 14 गांवों में है। सिहोरा के झीटी और कोड़ामुकुर में 86 हेक्टेयर का ब्लॉक है। मझौली के खुड़ावल में आयरन ओर, लैटराइट व मैग्नीज का रकबा 11, पनागर के कटैया में दोनों खनिज 49 हेक्टेयर में फैले हैं। तीनों का रकबा 1 हजार हेक्टेयर है। वहीं अब प्रशासन ने नीलामी प्रक्रिया शुरू की है।
जबलपुर में अकूत भंडार
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश में जबलपुर आयरन ओर का सबसे बड़ा उत्पादक जिला है। 3 साल पहले भी सिहोरा और पनागर में कुछ ब्लॉक मिले थे। इनमें 10 लाख टन से अधिक आयरन ओर होने का अनुमान था। अभी 42 छोटी-बड़ी खदानें, इनमें 35 आयरन ओर की हैं। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई है। इसी तरह से जिले में 4 जगह आयरन ओर, मैग्नीज, लैटराइट का ब्लॉक मिला है। रकबा 1081 हेक्टेयर है। ब्लॉक क्षेत्र की भूमि सीमांकन किया जा रहा है।


