सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी -सूत्रों के मुताबिक नगर निगम सीमा अंतर्गत रपटा नाले के किनारे स्थित कृषि भूमि पर चल रही अवैध प्लॉटिंग का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा जांच के आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में बिना डायवर्सन कराए ही कृषि भूमि को प्लॉट में तब्दील कर खुलेआम बेचा जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भू-माफिया द्वारा नियमों को दरकिनार कर तेजी से प्लॉटिंग का काम किया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही भविष्य में बुनियादी सुविधाओं की समस्या भी खड़ी हो सकती है।गौरतलब है कि निगमायुक्त द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के चलते आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में न तो निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है और न ही किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई सामने आई है।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ढिलाई के चलते भू-माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध प्लॉटिंग का यह जाल और भी फैल सकता है।अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस मामले में कब तक सख्त कदम उठाता है या फिर यह पूरा मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
निगम के आदेश ठंडे बस्ते में, रपटा नाले किनारे भू-माफिया का खुला खेल!
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