MP Rajya Sabha Election : सुप्रीम कोर्ट ने विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को बड़ी राहत देते हुए उनकी विधायकी पर एमपी हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि अदालत ने कुछ शर्तें भी तय की हैं, जिनके चलते वे फिलहाल विधायक बने रहेंगे, लेकिन मतदान अधिकार और वेतन-भत्तों का लाभ नहीं ले सकेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
मल्होत्रा को राहत, कांग्रेस की मुसीबत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुकेश मल्होत्रा आगामी राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह झटका माना जा रहा है, क्योंकि अप्रैल-जून के बीच होने वाले चुनाव में एक वोट की कमी कांग्रेस के गणित को बिगाड़ सकती है।
हाईकोर्ट ने रद्द किया था निर्वाचन
आपको बता दें कि ग्वालियर खंडपीठ ने पहले मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करते हुए भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयी घोषित कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्हें अंतरिम राहत मिल गई।
राज्यसभा चुनाव का गणित
दरअसल, मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान संख्या बल के आधार पर दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिखाई दे रही है। हालांकि, विधायकों की संख्या में बदलाव या क्रॉस वोटिंग की स्थिति बनती है तो कांग्रेस की सीट पर खतरा मंडरा सकता है।
एमपी कांग्रेस की स्थिति
प्रदेश में कांग्रेस के कुल 65 विधायक हैं, लेकिन मुकेश मल्होत्रा के वोट न कर पाने से यह संख्या घटकर 64 रह जाएगी। साथ ही कुछ विधायकों के क्रास वोटिंग करने का डर कांग्रेस को है। ऐसे में कांग्रेस को अपनी एक सीट सुरक्षित करने के लिए सावधानी बरतनी होगी।
भाजपा की क्या रणनीति?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है कि अगर भाजपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती है तो मुकाबला रोचक हो सकता है। ऐसी स्थिति में भाजपा कांग्रेस विधायकों को छोड़ अन्य दलों के विधायक और क्रास वोटिंग कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकती है।


