Guna Police : गुना जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें संदिग्ध कैश बरामदगी और कथित सौदेबाजी के आरोपों के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच खुद ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने मौके पर पहुंचकर की।
क्या है पूरा मामला
घटना नेशनल हाईवे-46 पर रूठियाई चौकी के पास वाहन चेकिंग के दौरान सामने आई। बताया जा रहा है कि गुजरात नंबर की एक स्कॉर्पियो से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। नियमों के अनुसार इतनी बड़ी रकम मिलने पर आयकर विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देना जरूरी था, लेकिन आरोप है कि मामला चौकी स्तर पर ही दबाने की कोशिश की गई।
20 लाख की कथित डील
सूत्रों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों और कारोबारी के बीच 20 लाख रुपये में कथित समझौता हुआ, जिसके बाद शेष रकम के साथ वाहन को छोड़ दिया गया। हालांकि इस पूरे लेनदेन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जांच में कई संदिग्ध पहलू सामने आए हैं।
DIG की सख्त कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही डीआईजी अमित सांघी देर रात धरनावदा थाना और रूठियाई चौकी पहुंचे और घंटों पूछताछ की। उन्होंने कहा कि शुरूआती जांच में पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध पाया गया है और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके बाद एसपी अंकित सोनी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया
ये हुए सस्पेंड
एसआई प्रभात कटारे (थाना प्रभारी)
एएसआई साजिद हुसैन
प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार
आरक्षक सुंदर रमन
दिए जांच के आदेश
डीआईजी ने स्पष्ट किया कि मामले में अभी कोई औपचारिक शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया जब यह चर्चा सामने आई कि किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कथित रूप से 20 लाख रुपये वापस किए गए। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस विभाग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।


