Anita Umath Narsinghgarh : कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। इसका जीवंत उदाहरण नरसिंहगढ़ की दृष्टि बाधित छात्रा अनिता उमठ ने पेश किया है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से श्रीमद्भगवद्गीता के 1 से 18 अध्यायों का संक्षेप ब्रेल लिपि में हस्तलिखित रूप में तैयार कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
मिलते है ऐसे कम उदहारण
ब्रेल लिपि वह विशेष लेखन प्रणाली है जिसमें उभरे हुए बिंदुओं को स्पर्श करके पढ़ा-लिखा जाता है और इसका उपयोग दृष्टिबाधित लोग शिक्षा और अध्ययन के लिए करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेल लिपि में पूरी श्रीमद्भगवद्गीता को स्वयं हाथ से लिखने के उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं। अधिकतर जगह गीता के ब्रेल संस्करण संस्थाओं द्वारा मुद्रित किए जाते हैं, लेकिन किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति द्वारा स्वयं पूरा ग्रंथ लिखना असाधारण परिश्रम और धैर्य का कार्य माना जाता है।
दृष्टि की कमी, लेकिन हौसला कमजोर नही
नरसिंहगढ़ के बजरंग मोहल्ला सूरजपोल निवासी अनिता उमठ ने इस कार्य के माध्यम से यह साबित कर दिया कि दृष्टि की कमी हौसलों को कमजोर नहीं कर सकती। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में गर्व और प्रेरणा का माहौल है। इस बीच उन्हें नरसिंहगढ़ एसडीएम सुशील कुमार सिंह द्वारा ऑफिस बुलाकर उन्हें व उनके पिता व भाई को प्रोत्साहित किया वे बोले की अनिता की यह मेहनत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि यदि मन में विश्वास और लगन हो तो असंभव भी संभव हो सकता है। कहा जाता है कि हौसले की उड़ान से सब कुछ पाना संभव है अनिता उमठ की यह उपलब्धि इसी संदेश को साकार करती नजर आती है।


