ताज खान/खबर डिजिटल/ नर्मदापुरम/ वैश्विक तनाव के बीच सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। नर्मदापुरम में बुधवार को पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिसका मुख्य कारण वास्तविक किल्लत नहीं, बल्कि लोगों में व्याप्त डर और पैनिक बाइंग है।
अफवाहों का असर
ईरान-इजराइल संघर्ष की खबरों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सप्लाई बाधित होने की अफवाहें तेजी से फैलीं। शहर के प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप ‘युसूफ अली एंड संस’ के संचालक के अनुसार, उनके पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है। समस्या यह है कि जो उपभोक्ता पहले एक लीटर पेट्रोल लेते थे, वे अब पांच लीटर तक का भंडारण करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अचानक मांग बढ़ गई है और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है।
कृषि कार्य और ग्रामीण क्षेत्रों का दबाव
वर्तमान में कृषि का सीजन होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी बड़ी संख्या में डीजल लेने शहर के पंपों पर पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के चलते कुछ पंपों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीजल वितरण की मात्रा सीमित करनी पड़ रही है। हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यदि लोग अनावश्यक भंडारण न करें, तो आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।
प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी
प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी रश्मि साहू ने स्पष्ट किया है कि विभाग की टीमें निरंतर जिले के सभी पेट्रोल पंपों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और पैनिक न हों। स्टॉक पर्याप्त है, बस संयम बरतने की आवश्यकता है।
मिश्रित प्रतिक्रियाएं और भविष्य की रणनीति
जहां आम नागरिक आसानी से पेट्रोल मिलने की बात कह रहे हैं, वहीं ऑटो संचालकों ने सीमित मात्रा (जैसे 2 लीटर) में पेट्रोल मिलने पर चिंता जताई है। स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए जिला कलेक्टर ने अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बिना किसी अव्यवस्था के हर नागरिक को सुचारू रूप से ईंधन उपलब्ध हो सके।


